मन फूला फूला फिरे
मन फूला फूला फिरे
Man phoola phoola phire
KABIR BHAJAN
भजन श्रेणी:KABIR BHAJAN
गायक: BHAKTI SAGAR STUDIO
भाषा: हिंदी
दोहा
मन फूला फूला फिरे,(भजन के बोल)
मन फूला फूला फिरे,
जगत में कैसा नाता रे
मन फूला फूला फिरे,
जगत में कैसा नाता रे
कैसा नाता रे जगत में
कैसा नाता रे
मन फूला फूला फिरे,
जगत में कैसा नाता रे
माता कहे यह पुत्र हमारा,
बहन कहे बीर मेरा,
माता कहे यह पुत्र हमारा,
बहन कहे बीर मेरा,
भाई कहे यह भुजा हमारी,
नारी कहे नर मेरा,
मन फूला फूला फिरे,
जगत में कैसा नाता रे
कैसा नाता रे जगत में
कैसा नाता रे
मन फूला फूला फिरे,
जगत में कैसा नाता रे
पेट पकड़ के माता रोवे,
बांह पकड़ के भाई,
पेट पकड़ के माता रोवे,
बांह पकड़ के भाई,
लिपट झपट के तिरिया रोवे,
हंस अकेला जाए,
मन फूला फूला फिरे,
जगत में कैसा नाता रे
कैसा नाता रे जगत में
कैसा नाता रे
मन फूला फूला फिरे,
जगत में कैसा नाता रे
जब तक जीवे माता रोवे,
बहन रोवे दस मासा,
जब तक जीवे माता रोवे,
बहन रोवे दस मासा,
तेरह दिन तक तिरिया रोवे,
फेर करे घर वासा,
मन फूला फूला फिरे,
जगत में कैसा नाता रे
कैसा नाता रे जगत में
कैसा नाता रे
मन फूला फूला फिरे,
जगत में कैसा नाता रे
चार जणा मिल गजी बनाई,
चढ़ा काठ की घोड़ी,
चार जणा मिल गजी बनाई,
चढ़ा काठ की घोड़ी,
चार कोने आग लगाई,
फूंक दियो ज्यो होली ,
मन फूला फूला फिरे,
जगत में कैसा नाता रे
कैसा नाता रे जगत में
कैसा नाता रे
मन फूला फूला फिरे,
जगत में कैसा नाता रे
हाड़ जले ज्यो लकड़ी जैसे
केश जले ज्यो घास,
सोना जैसी काया जल गई,
कोइ नही आयो पास
मन फूला फूला फिरे,
जगत में कैसा नाता रे
कैसा नाता रे जगत में
कैसा नाता रे
मन फूला फूला फिरे,
जगत में कैसा नाता रे
घर की तिरिया ढूंढन लागी,
ढुंडी चारों दिशा
घर की तिरिया ढूंढन लागी,
ढुंडी चारों दिशा
कहत कबीर सुनो भई साधो,
छोड़ो जगत की आशा,
मन फूला फूला फिरे,
जगत में कैसा नाता रे
कैसा नाता रे जगत में
कैसा नाता रे
मन फूला फूला फिरे,
जगत में कैसा नाता रे
मन फूला फूला फिरे,
जगत में कैसा नाता रे
Man phoola phoola phire = KABIR BHAJAN

🙏
आपके पास कोई भजन हो तो आप हमें हमें ईमेल mybhajanbook2011@gmail.com पर भेज सकते है हम आपके भजन को वेब साइट और एप्लीकेशन लिस्ट में जोड़ देंगे
धन्यवाद 🙏
