मुझे कहाँ ढूंढें बन्दे
मुझे कहाँ ढूंढें बन्दे
Mujhe kahan dhoondhe bande
KABIR BHAJAN
भजन श्रेणी:KABIR BHAJAN
गायक: BHAKTI SAGAR STUDIO
भाषा: हिंदी
दोहा
मुझे कहाँ ढूंढें बन्दे (भजन के बोल)
[Verse 1]
मुझे कहाँ ढूंढें बन्दे,
मैं तो तेरे पास में।
मुझे कहाँ ढूंढें बन्दे,
मैं तो तेरे पास में॥
[Chorus]
ना तीरथ में, ना मूरत में,
ना एकांत निवास में।
ना तीरथ में, ना मूरत में,
ना एकांत निवास में॥
ना मंदिर में, ना मस्जिद में,
ना काबे कैलाश में।
मुझे कहाँ ढूंढें बन्दे,
मैं तो तेरे पास में।
मुझे कहाँ ढूंढें बन्दे,
मैं तो तेरे पास में॥
[Verse 2]
ना मैं जप में, ना मैं तप में,
ना मैं व्रत उपवास में।
ना मैं जप में, ना मैं तप में,
ना मैं व्रत उपवास में॥
ना मैं क्रिया क्रम में रहता,
ना ही योग संन्यास में।
मुझे कहाँ ढूंढें बन्दे,
मैं तो तेरे पास में।
मुझे कहाँ ढूंढें बन्दे,
मैं तो तेरे पास में॥
[Verse 3]
नहीं प्राण में, नहीं पिंड में,
ना ब्रह्मांड आकाश में।
नहीं प्राण में, नहीं पिंड में,
ना ब्रह्मांड आकाश में॥
ना मैं त्रिकुटी भवर में,
सब स्वांसों के स्वास में।
मुझे कहाँ ढूंढें बन्दे,
मैं तो तेरे पास में।
मुझे कहाँ ढूंढें बन्दे,
मैं तो तेरे पास में॥
[Outro]
खोजी होए तुरत मिल जाऊँ,
एक पल की ही तलाश में।
खोजी होए तुरत मिल जाऊँ,
एक पल की ही तलाश में॥
कहे कबीर सुनो भाई साधो,
मैं तो हूँ विश्वास में।
मुझे कहाँ ढूंढें बन्दे,
मैं तो तेरे पास में।
मुझे कहाँ ढूंढें बन्दे,
मैं तो तेरे पास में।
मुझे कहाँ ढूंढें बन्दे,
मैं तो तेरे पास में॥
Mujhe kahan dhoondhe bande = KABIR BHAJAN

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